​कोटा में मिली ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की 15 हेक्टेयर जमीन, अब देशभर में खंगाली जाएगी संपत्ति

Published on January 20, 2026 | Views: 171

​कोटा में मिली ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की 15 हेक्टेयर जमीन, अब देशभर में खंगाली जाएगी संपत्ति

​वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर मंदिर की हाईपावर्ड कमेटी ने बड़े कदम उठाए हैं। राजस्थान के कोटा जिले में मंदिर की 15 हेक्टेयर (करीब 93 बीघा) बेशकीमती जमीन का पता चला है, जिसके मूल दस्तावेज कमेटी ने स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर लिए हैं। इस बड़ी सफलता के बाद अब देशभर में मंदिर की संपत्तियों को खोजने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
​मुख्य सचिवों के माध्यम से होगी तलाश नगर के लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन में अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कमेटी की बैठक में 17 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। कमेटी के सचिव व मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह अब देश के विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों से संपर्क करेंगे। राज्यों में मंदिर की पुरानी जमीन, भवन और अन्य संपत्तियों की जानकारी मिलने पर उनके दस्तावेज मंगाए जाएंगे और उन्हें विकसित कर प्रबंधन के दायरे में लाया जाएगा।
​सेवायत अब केवल 5 यजमानों को ही करा सकेंगे VIP दर्शन
​कमेटी ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब सेवायत गोस्वामी एक दिन में अधिकतम 5 यजमानों को ही VIP दर्शन करा सकेंगे (पहले यह संख्या 20 थी)। इसके लिए सेवायतों को एक दिन पहले ही यजमानों का विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

​फरवरी से रेलिंग के जरिए सुगम होंगे दर्शन

​भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर स्टील की रेलिंग लगाई जा रही हैं। अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि यह कार्य जनवरी अंत तक पूरा हो जाएगा और फरवरी से श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से इन रेलिंग के माध्यम से ठाकुरजी की चौखट तक पहुंच सकेंगे।

​वसंत पंचमी पर गर्भगृह में लगेगी साढ़े दस किलो चांदी की देहरी

​ठाकुरजी के एक अनन्य भक्त ने मंदिर के गर्भगृह के लिए 10.5 किलो चांदी की देहरी भेंट की है। इस देहरी को वसंत पंचमी से एक दिन पूर्व 22 जनवरी को स्थापित किया जाएगा। 23 जनवरी (वसंत पंचमी) की सुबह विधिवत पूजन के साथ इसे समर्पित किया जाएगा। जानकारों के अनुसार, यह देहरी अगले 20 वर्षों तक सुरक्षित रहेगी।

​सुंदरीकरण और स्वच्छता अभियान
​ASI करेगा सफाई: मंदिर के पत्थरों और द्वारों की चमक वापस लाने के लिए एएसआई (ASI) और आईआईटी (IIT) की सर्वे रिपोर्ट आ गई है। नमी कम होने के बाद, दो माह बाद सफाई कार्य शुरू होगा।
​ निधिवन स्थित ललिता कुंड की सफाई होगी। साथ ही, मंदिर मार्गों पर नगर निगम द्वारा 170 और नई लाइटें लगाई जाएंगी।

Category: Dharm


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