मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में सी0एम0 डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व कार्यक्रमों, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों तथा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व संग्रहण की व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न

Published on January 22, 2026 | Views: 318

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में सी0एम0 डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व कार्यक्रमों, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों तथा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व संग्रहण की व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न

मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित दिसंबर माह की राजस्व कार्यक्रमों, कर-करेत्तर तथा अन्य राजस्व कार्यों की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर आयुक्त न्यायिक राकेश कुमार पटेल, अपर आयुक्त प्रशासन राधे श्याम, अपर आयुक्त वाणिज्य कर, उप महानिरीक्षक स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन, उप आबकारी आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी, संयुक्त निदेशक चकबंदी, वर्चुअल माध्यम से मण्डल के समस्त अपर जिलाधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक में मण्डलायुक्त ने जनपदवार उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24, 33, 34, 38(2), 67, 80 के अंतर्गत दर्ज वादों के सापेक्ष निस्तारित वादों, जनपदवार राजस्व वादों के निस्तारण का प्रतिशत, निश्चित समयावधि से अधिक लंबित वादों के सापेक्ष निस्तारित राजस्व वाद, स्टांप एवं निबंधन विभाग से प्राप्त राजस्व विवरण, वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त राजस्व विवरण, आबकारी विभाग के अंतर्गत निर्धारित राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि का विवरण, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अंतर्गत दिसंबर माह की तथा माह तक की उपलब्धि के विवरण की गहन बिंदुवार समीक्षा की गई।

मण्डलायुक्त ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24 के अंतर्गत दर्ज 03 वर्ष से अधिक किंतु 05 वर्ष से कम अवधि के लंबित वादों के सापेक्ष निस्तारित वादों की जानकारी प्राप्त की। जनपद लखनऊ में 24 वाद, रायबरेली में 09 वाद तथा हरदोई में 06 वाद, 03 वर्ष से अधिक किंतु 05 वर्ष से कम अवधि के लंबित पाए गए, जिस पर मण्डलायुक्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को जनपद एवं तहसीलवार गहन समीक्षा कर एक माह के भीतर उप जिलाधिकारियों के माध्यम से राजस्व संहिता के अनुरूप गुण एवं दोष के आधार पर लंबित वादों का नियमानुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने वर्चुअल माध्यम से मीटिंग में उपस्थित समस्त अपर जिलाधिकारीगण को लंबित वादों पर पैनी नजर रखने के भी निर्देश दिए।

बैठक में धारा-34 के अंतर्गत 05 वर्ष से अधिक अवधि के लंबित वादों के अंतर्गत जनपद उन्नाव में 66, रायबरेली में 59, लखनऊ में 26, लखीमपुर खीरी में 29 व सीतापुर में 02 इस प्रकार कुल 182 वाद लंबित पाए गए। मण्डलायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जो भी वाद लंबित है उन्हें अधिक से अधिक जनवरी माह में निस्तारित करने का प्रयास करें । उन्होंने अपर आयुक्त प्रशासन तथा न्यायिक को धारा-34 तथा 35 की समीक्षा के अंतर्गत जनवरी माह में लंबित वादों के सापेक्ष निस्तारित वादों की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मण्डलायुक्त ने स्टांप एवं निबंधन विभाग से प्राप्त राजस्व विवरण, वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त राजस्व विवरण, आबकारी विभाग के अंतर्गत निर्धारित राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि का विवरण, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अंतर्गत दिसंबर माह की तथा दिसंबर माह तक की उपलब्धि के विवरण एवं निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अद्यतन प्रगति की समीक्षा के अंतर्गत निर्देशित करते हुए कहा कि उक्त विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण तथा कर-करेत्तर की अद्यतन सूचना सहित बुकलेट तैयार करें।

मण्डलायुक्त ने संभागीय परिवहन अधिकारी से ओवरलोड वाहनों की सूचना की जानकारी भी ली। उन्होंने उप आबकारी आयुक्त लखनऊ से उन रेस्टोरेंटों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जिन्होंने तीन-चार महीना में एक से अधिक बार टेंपरेरी लाइसेंस लिया है।

मण्डलायुक्त ने वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त राजस्व विवरण के अंतर्गत दिसंबर माह की तथा दिसंबर माह तक की लक्ष्य के सापेक्ष क्रमिक उपलब्धि की जानकारी लेते हुए अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर संबंधित अपर आयुक्त वाणिज्य कर को चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के उप निदेशक खनिकर्म के बैठक में उपस्थित न होने के कारण 01 दिन का वेतन रोकने के भी निर्देश मण्डलायुक्त द्वारा दिए गए।

मण्डलायुक्त ने अपर आयुक्त प्रशासन तथा न्यायिक को राजस्व कार्यों, राजस्व संबंधी बिंदुओं, राजस्व वाद, कर-करेत्तर से प्राप्त राजस्व प्राप्तियों की प्रगति तथा राजस्व वसूली से संबंधित अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने, तथा राजस्व कार्यों की अद्यतन सूचना की बुकलेट तैयार करने के भी निर्देश दिए।

मण्डलायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई जाए। लापरवाही, उदासीनता अथवा गलत रिपोर्टिंग किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। अंत में मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।

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