यमुना का काल बनी लापरवाही: वृंदावन में नाव पलटने से मृतकों की संख्या 11 हुई, चार की तलाश जारी

Published on April 11, 2026 | Views: 249

यमुना का काल बनी लापरवाही: वृंदावन में नाव पलटने से मृतकों की संख्या 11 हुई, चार की तलाश जारी

वृंदावन | पुनीत शुक्ला

​वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी में हुआ बड़ा नाव हादसा अब और भी हृदयविदारक हो गया है। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान शनिवार को नदी से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की कुल संख्या 11 तक पहुँच गई है। जिला प्रशासन और NDRF की टीमें अभी भी चार से पांच लापता श्रद्धालुओं की तलाश में जुटी हैं।

​प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानव जनित लापरवाही का परिणाम था। जानकारी के अनुसार, केसीघाट और बंशीवट के बीच बिना लोक निर्माण विभाग की अनुमति के पेंटून पुल को हटाने और ड्रेजिंग मशीन को रास्ता देने का काम चल रहा था। इसी दौरान 37 श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पुल से टकराकर असंतुलित होकर पलट गई।

​प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
​धारा 105 (BNS): पुलिस ने लापरवाही के आरोप में ठेकेदार नारायण शर्मा और नाविक 'पप्पू उर्फ दाऊजी' के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
​हिरासत: मुख्य नाविक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
​जांच समिति: डीएम सीपी सिंह ने एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंपी है।

​शनिवार सुबह 5 बजे से ही रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। घटनास्थल पर राहत कार्य की स्थिति कुछ इस प्रकार है। NDRF की 8, SDRF की 5 और पीएसी की 3 टीमों के साथ-साथ स्थानीय गोताखोर तैनात हैं। 20 से अधिक मोटरबोट्स के जरिए नदी के हर कोने को खंगाला जा रहा है।
शनिवार को बरामद हुए शव की पहचान मानिक टंडन के रूप में हुई है, जो घटनास्थल से करीब 800 मीटर दूर मिला।
​शोक में डूबे श्रद्धालु परिवार
​हादसे का शिकार हुए लोग मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के रहने वाले थे। लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से करीब 130 लोगों का जत्था वृंदावन दर्शन के लिए आया था। शनिवार दोपहर तक 10 मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके गृह नगर रवाना कर दिया गया, जहाँ उनके पहुँचते ही कोहराम मच गया।

नाविक की बड़ी चूक
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, नाविक ने सुरक्षा व्यवस्था और लाइफ जैकेट के बिना ही क्षमता से अधिक सवारियां नाव पर बिठा रखी थीं। हादसे के बाद चालक तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन बेगुनाह श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए।

​ प्रशासन ने यमुना के विभिन्न घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है और श्रद्धालुओं से नदी के गहरे पानी में न जाने तथा केवल अधिकृत नावों का उपयोग करने की अपील की है।

Category: Uttar pradesh


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