Published on April 17, 2026 | Views: 19
फरह विकास खण्ड फरह के गांव परखम स्थित दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र, गौ ग्राम में दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का गुरुवार को श्रद्धा व जयघोष के साथ विश्राम हुआ। व्यासपीठ से स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने शबरी प्रसंग व नवधा भक्ति का महत्व बताया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कथा श्रवण को परम सौभाग्य बताया।
फरह । दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गौ ग्राम फरह के प्रांगण में चल रही भव्य श्रीराम कथा का गुरुवार को सप्तम सोपान पर पूर्ण श्रद्धा के साथ विश्राम हुआ। पूज्यपाद निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से कथा रसपान के लिए दूर-दराज से लाखों श्रद्धालु ट्रैक्टर, बसों और पैदल यात्रा कर कथा पंडाल पहुंचे।
व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने भगवान श्रीराम की महिमा और माता शबरी की भक्ति का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा, "भगवान राम दया के सागर और परम भक्त वत्सल हैं। वनवास के दौरान जब प्रभु राम माता शबरी के आश्रम पहुंचे, तो उन्होंने शबरी के जूठे बेर प्रेम से खाकर यह सिद्ध कर दिया कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं।"
उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि प्रभु राम ने माता शबरी को 'नवधा भक्ति' का उपदेश दिया, जिसमें 'प्रथम भगति संतन्ह कर संगा' से लेकर प्रभु पर अटूट विश्वास तक का वर्णन है। स्वामी जी ने कहा कि जो जीव नवधा भक्ति में से किसी एक को भी अपने जीवन में अपना लेता है, उसे भगवान सहज ही प्राप्त हो जाते हैं।
स्वामी जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम ने माता-पिता की आज्ञा मानकर राजतिलक छोड़ 14 वर्ष का वनवास चुना और मर्यादा की स्थापना की। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में जन्म लेकर कंस और पूतना जैसे आतातायियों का वध कर धर्म की रक्षा की। कथा के विश्राम पर भक्तों के बिछड़ने के भाव को उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई "मिलत एक दारुन दुख देही" के माध्यम से व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पधारे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा
उन्होंने गौ ग्राम में चल रहे गौ सेवा के पुनीत कार्यों और क्षेत्र के समग्र विकास की सराहना की। उपमुख्यमंत्री ने इसका श्रेय आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विशेषकर क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी के कुशल मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और गौ सेवा के लिए सभी श्रद्धालुओं को संकल्पित होना होगा।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक रानी पक्षालिका सिंह सहित आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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