समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाया है: अखिलेश यादव

Published on April 17, 2026 | Views: 39

समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाया है: अखिलेश यादव

दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। पर उस भाजपाई चालबाजी के खिलाफ हैं जो साजिश के तहत की जा रही है। भाजपाई देश की सबसे बड़ी आबादी पिछड़े वर्ग की महिलाओं को लेकर चुप्पी साधे बैठे हैं।
समाजवादी पार्टी के पीडीए में ए का मतलब आधी आबादी है। पीडीए की गिनती में पूरी की पूरी महिलाएं आती है। हमारा सवाल यह है कि सरकार को महिला आरक्षण के नाम पर इतनी जल्दीबाजी क्यों है? सच यह है कि भाजपा जनगणना अर्थात जातीय जनगणना को टालना चाहती है। भाजपा जातीय जनगणना इसलिए टालना चाहती है क्योंकि उसके बाद आरक्षण का सवाल उठेगा। भाजपा और उनके संगी साथ कभी आरक्षण नहीं देना चाहते हैं।
हमारे नेता डॉ. राममनोहर लोहिया ने हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में थे, हम भी उसी पक्ष में है। महिलाओं का आरक्षण 33 फीसदी हो, हम उसके पक्ष में है। हमारी लड़ाई लगातार जारी है। यह आरक्षण हमारे पीडीए के आवाहन को और मजबूत कर रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नारी का नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने मातृ संगठन में नहीं रखा, वे उनका मान सम्मान कैसे रखेंगे। भाजपा बताएं कि जिस मातृ संगठन से भाजपा निकली है, उसमें कितनी नारियां है। वहां महिलाओं का कितना मान सम्मान है।
बृहस्पतिवार को लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल और अन्य बिलों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया के आंकड़े देखा जाय तो जेंडर इक्वलिटी में हमारा देश 127 वे स्थान पर खड़ा है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों की 21 राज्यों में सरकारें है। भाजपा ने कितनी महिला मुख्यमंत्री बनायी है? दिल्ली की सीएम तो हाफ मुख्यमंत्री है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास क्या अधिकार है? एक मुख्यमंत्री के जो अधिकार होते है वह कहां हैं? खुद को सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली भाजपा बताए कि उसके देश भर के विधायकों में कितनी महिला विधायक हैं। क्या महिला विधायकों की संख्या दस फीसदी थी? लोकसभा में भाजपा की कितनी महिला सांसद है?
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया ने महिलाओं को पुरुषों की तरह हर क्षेत्र में भागीदारी देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि संस्कार का आरम्भ महिला से होता है। अगर महिला जागृत है तो समाज जागृत हो जाता है। डॉ. राममनोहर लोहिया जी ने कहा था कि जब तक महिलाएं राजनीति में नहीं आयेंगी, सामाजिक क्रांति अधूरी रहेगी। उन्होंने निरंतर राजनीति में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया था। लोहिया जी ने कहा था कि समाज में वास्तविक परिवर्तन महिलाओं के योगदान से आ पाएगा। उत्तर प्रदेश में पंचायतों में महिलाओं के लिए सबसे पहले आरक्षण लागू करने का काम समाजवादी पार्टी ने किया था।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की चुनावी घपलेबाजी का भंडाफोड़ हो गया है। सरकार मतदाता सूची के लिए जो एसआईआर लेकर आयी थी वह कहने को एसआईआर था, सच्चाई में तो वह एनआरसी थी, एसआईआर में वोट काटने का षडयंत्र किया गया, मैं अपने पीडीए प्रहरियों को बधाई देता हॅू। जिन्होंने वोट बचा लिया। जब एसआईआर की गिनती में हम लोग वोट बचाने में कामयाब रहे तो भाजपा वोट काटने के लिए फर्जी फार्म-7 लेकर आयी। फार्म-7 में फर्जीवाड़ा हुआ। उस घपले को भी समाजवादी पार्टी के लोगों ने पकड़ लिया। फार्म-7 के जरिए वोट काटने के लिए भाजपा ने जिनसे दस्तखत कराये थे, उन्हें दस्तखत करने नहीं आते है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की लेकिन फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है। इससे लगता है कि पूरी व्यवस्था ही भाजपा से जुड़ी हुई है। समाजवादी पार्टी ने एसआईआर में हेराफेरी पकड़ी तो भाजपा की कलई खुल गयी। भाजपा के वोटरों का अकाल पड़ गया तो भाजपा महिला आरक्षण बिल को नए सिरे से लायी है। इस बिल के पीछे लक्ष्य वोट है। यह भाजपा की राजनीतिक चाल है। जब पुराने लोग समझ जाते है कि भाजपा किसी की सगी नहीं है तो वह कुछ नए लोगों को अपने जुमलों में फंसाती है। इस बार भाजपा महिलाओं को लेकर चाल चल रही है लेकिन सफल नहीं होगी। क्योंकि आज सबसे ज्यादा दुःखी महिलाएं है। भाजपा की कमीशनखोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है। उससे उनकी रसोई सूनी हो गयी है। रही सही कसर रसोई गैस सिलेण्डर की बेतहाशा बढ़ी कीमतों ने पूरा कर दिया है। भाजपा सरकार ने गोद लिए गांवों को अनाथ कर दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हर महिला अपने बच्चे को पढ़ाना चाहती है लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी सोच स्कूलों को बंद करा रही है। महिलाओं का दर्द तो मेरठ के दुकानदार परिवारों की महिलाओं के आंखों में आंसू से समझा जा सकता है। नोयडा की कामकाजी महिलाएं अपने दर्द को बयान कर रही है। नोयडा में 40 हजार से ज्यादा मजदूर आंदोलनरत है। मेरठ में महिलाएं धरने पर बैठी हैं भाजपा सरकार के कारण उनके घर उजड़ रहे हैं उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। महिलाएं रो-रोकर न्याय मांग रही है। अगर यह बिल इतना ही अच्छा हैं तो इसे मेरठ और नोएडा की कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि इसमें उनके लिए क्या-क्या होने जा रहा है?
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी तो खुद को पिछड़े वर्ग का बताते थे लेकिन महिला आरक्षण में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकार को लेकर क्यों चुप हैं? इस संशोधन के पीछे जो जल्दीबाजी है उसमें भाजपाइयों की मंशा जनगणना नहीं कराने की है। क्योंकि अगर जनगणना होगी तो जातिवार आंकड़े देने होंगे। फिर आरक्षण देना होगा। यह भाजपा का षडयंत्र है जिसमें जातिवार जनगणना को नकार कर पिछड़ों का अधिकार लूटा जा रहा है। यह लोकतंत्र के खिलाफ खुफिया लोगों की गुप्त सूचना है जो हम तब तक नहीं स्वीकार कर सकते जब तक इसके लागू करने की प्रक्रिया ठीक नहीं होगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़ों की कुल जनसंख्या 70 फीसदी है तो उनकी आधी-आबादी 33 फीसदी से ज्यादा पिछड़ी महिलाओं के हक की बात इस महिला आरक्षण बिल में है ही नहीं। इसका मतलब यह है कि यह सरकार पिछड़े वर्ग की 33 फीसदी से ज्यादा महिला आबादी का हक छीन रही है, उन्हें अधिकार नहीं देना चाहती है। सरकार डिलिमिटेशन से चुनावी मैप को बदलना चाहती है। भाजपा पूरी रणनीति बनाकर अपने राजनीतिक लाभ के लिए लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना चाहती है। यह आसाम में भी देखा गया और जम्मू-कश्मीर में भी दिखाई दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है, पहले जनगणना हो जब जनगणना के सही आंकड़े आ जाये, तब डीलिमटेशन हो। जब आंकड़े सही नहीं होंगे तो आरक्षण कैसे सही होगा, क्योंकि आरक्षण का आधार ही जनसंख्या है। कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनती है। हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़ी और मुस्लिम महिलाओं को जोड़कर आरक्षण दिया जाय।
अखिलेश यादव ने कहा कि डीलिमटेशन में यूपी की विधानसभा सीटे भी बढ़ेगी। सीटें ज्यादा हो जाएंगी। कहीं कोई ऐसा षडयंत्र तो नहीं है जो सरकार महिला आरक्षण के बहाने छिपाकर आगे बढ़ रही है। यूपी में लोकसभा की सीटे 120 और विधानसभा की सीटे 600 होने जा रही है। अगर इसमें भाजपा को षडयंत्र होगा तो वह विधानसभा चुनाव वैसे ही हारेगी जैसे अयोध्या का लोकसभा चुनाव हारी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सीटे रिजर्व हो जाएंगी तो महिलाओं के बीच ही कम्पटीशन हो जाएंगी। अगर आरक्षण देश का मामला पार्टी स्तर पर हो तो महिलाओं को ज्यादा मौका मिलेगा। भाजपा महिलाओं के साथ नहीं है, इसीलिए क्षेत्र आरक्षित करना चाहती है। हमारी मांग है कि आरक्षण पार्टी तय करें। पार्टियां महिलाओं को लड़ाएं और संख्या तय करें।
क्षेत्रों के रोटेशन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले नेताओं का क्षेत्र से भावनात्मक रिश्ता हो जाता है। अगर रोटेशन रहेगा तो नेता का क्षेत्र की जनता से भावनात्मक लगाव नहीं रहेगा, अगले क्षेत्र की तलाश मे लग जाएगा। समाजवादी पार्टी क्षेत्रों के रोटेशन के खिलाफ है। महिला आरक्षण में हमारी मांग पहले जनगणना कराने की है। अगर सरकार ऐसा नहीं कर रही है तो इसका मतलब धोखा दे रही है। यह सरकार 2011 के जनगणना को आधार बना रही है, इसका मतलब है इनके पास कोई गुप्त नक्शा है, जिसे ये लोग बिल पास होते ही लागू करेंगे। इस बिल में सुधारों पर कोई बात नहीं हो रही है।

Category: Politics


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