Published on April 17, 2026 | Views: 230
प्रयागराज: टाउन हाल, जिला पंचायत प्रयागराज में आयोजित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मा. उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 देश की महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम का पूर्ण क्रियान्वयन वर्ष 2029 तक सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में लाने का कार्य देश की माताओं, बहनों, बुजुर्गों, गरीबों और किसानों ने किया है।
मौर्य ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के समता एवं न्याय के विचारों को साकार कर रही है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति और इतिहास में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि माताएं समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने पौराणिक एवं ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी में अपार शक्ति निहित है, जो असंभव को संभव बना सकती है। इस क्रम में उन्होंने माता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का भी उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नए संसद भवन में पारित होने वाला पहला महत्वपूर्ण कानून नारी शक्ति वंदन अधिनियम है, जो यह दर्शाता है कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि सशक्त नारी के बिना सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
इस अवसर पर उन्होने बड़ी संख्या मे महिलाओ की प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया
Category: Latest news