Published on July 24, 2026 | Views: 200
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सहारनपुर मंडल के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग से संबंधित प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन किया गया। बैठक में पर्यटन सुविधाओं के सृजन, तीर्थ स्थलों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी गई।
पर्यटन विभाग के 14 प्रस्तावों पर हुआ मंथन
इस बैठक में पर्यटन विभाग के कुल 14 प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें सहारनपुर के 8, मुजफ्फरनगर के 5 तथा शामली का 1 प्रस्ताव शामिल हैं जिनकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपए है। प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसरों में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल सुविधा, साइनेज विद क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग सहित विभिन्न पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर उन्हें प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जाएगी।
संत रविदास स्थलों से लेकर सदाशिव महादेव मंदिर तक होगा विकास
सहारनपुर जनपद के प्रस्तावों में संत शिरोमणि रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, संत रविदास स्थल, ठाकुरद्वारा मंदिर, श्री सतगुरु समनदास स्थल तथा देवबंद के प्राचीन सदाशिव महादेव मंदिर का विकास शामिल है। उल्लेखनीय है कि देवबंद स्थित सदाशिव महादेव मंदिर परियोजना को पूर्व में ही लगभग 1.61 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इन स्थलों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही मुजफ्फरनगर जनपद के प्रस्तावों में शिव मंदिर, बाबा हरिदास मंदिर, सिद्धपीठ संत रविदास मंदिर तथा गो माता मंदिर के विकास के साथ-साथ शुकतीर्थ के पर्यटन विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
शामली के प्राचीन मंदिर को मिलेगा पर्यटन स्वरूप
शामली जनपद के शामली सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम आदमपुर के प्राचीन पृथ्वी वाला मंदिर के पर्यटन विकास का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
धर्मार्थ कार्य विभाग की 7 शिव मंदिर परियोजनाओं पर चर्चा
धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से सहारनपुर जनपद में सात प्राचीन शिव मंदिरों के जीर्णोद्धार और संरक्षण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इनमें पुवारका, खजुरी अकबरपुर, सकलापुरी, दीनारपुर, चुनहटी शेख, भाऊपुर तथा तेरीपुरा के शिव मंदिर शामिल हैं। लगभग 1.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले मंदिरों के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। इन स्थलों पर शिवरात्रि, नवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी शामिल
संस्कृति विभाग की ओर से नकुड़ विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ रामलीला मैदान को स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश
बैठक में पर्यटन विभाग की वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान स्वीकृत निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जिला प्रशासन को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने तथा निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शुकतीर्थ धाम को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में किया जा रहा विकसित
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मुजफ्फरनगर स्थित शुकतीर्थ धाम में पर्यटन विकास से जुड़ी पूर्ण हो चुकी और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे शुकतीर्थ धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इस क्रम में लगभग 21.24 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र (टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर) का निर्माण, करीब 6.44 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख मार्गों पर म्यूरल एवं साइनेज कार्य, लगभग 19.91 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य गंगा घाट का सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास, करीब 4.80 करोड़ रुपये की लागत से श्रीमद्भागवत कथा केंद्र का विकास तथा लगभग 12.68 करोड़ रुपये की लागत से साउंड, लाइट एवं लेजर शो परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनके पर्यटन अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाना तथा शुकतीर्थ धाम को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित कर उसकी पहचान को और सशक्त बनाना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी 18 मंडलों में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है, ताकि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा सके और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
Category: Uttar pradesh