Published on August 22, 2026 | Views: 208
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कवि, साहित्यकार तथा हिन्दी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह को आज उनके अभिनंदन के अवसर पर बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की।
उन्होंने कार्यक्रम में आये सभी कवियों साहित्यकारों का भी आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि जिस तरह से नेताजी ने कवियों, साहित्यकारों और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मनित किया, यश भारती देकर सम्मान दिया उसी तरह से आने वाले समय में भी सम्मानित करने का काम होगा। उन्होंने कहा कि यश भारती सम्मान देने के साथ ही सम्मान राशि दुगना करके सम्मानित करेंगे।
समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में डॉ. राममनोहर लोहिया सभा में आयोजित डॉ. उदय प्रताप सिंह गुरू जी के अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि उदय प्रताप की कविताएं खूब उद्धृत की जाती हैं किन्तु मूलतः वे समाजवादी चिंतनधारा के कवि हैं। उदय प्रताप ने ग्रैमी एवार्ड से पुरस्कृत एक गान, जिसमें 150 नाम थे, को हिन्दी में पार्टी का ‘गीत मन से मुलायम‘ में परिवर्तित कर दिया।
यादव ने बताया कि उदय प्रताप मैनपुरी से दो बार सांसद रहे। वे राज्यसभा सदस्य भी रहे। वर्श 1993 में सूरी नाम के विश्व हिन्दी सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
पूर्व सांसद हिन्दी के जाने माने कवि उदय प्रताप सिंह ने अपने सम्मान के लिए मां संतोषी फाउंडेशन तथा अन्य सभी शुभ चिंतकों का आभार जताते हुए कहा कि यद्यपि उनको सूरीनाम में आचार्य की डिग्री सहित यश भारती और अन्य कई सम्मान मिल चुके हैं परन्तु गृह जनपद मैनपुरी से मिला यह सम्मान विशेष है। उन्होंने अपनी आज लिखी एक ताजा गजल भी पढ़ी।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सूर्य कुमार पांडेय ने कहा कि उदय प्रताप जी की बौद्धिक प्रखरता और समाजवादी प्रतिबद्धता सराहनीय है। दीन मोहम्मद दीन तथा मस्ताना जी ने भी उन्हें बधाई दी।
यादव ने कवियों, साहित्यकारों के साथ ही मां संतोषी फाउण्डेशन के सहयोगियों को भी अभिनंदन कार्यक्रम के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर मां संतोषी फाउंडेशन ने मैनपुरी की सांसद श्रीमती डिम्पल यादव को भी सम्मानित किया।
इसके पूर्व सुप्रसिद्ध कवियत्री सरिता शर्मा ने उदय प्रताप जी को संत बताते हुए कहा कि उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना ने कहा दादा जी से उन्हें सीख मिली कि नकारात्मक बातों को जेहन में मत रखो। पूर्व आईएएस डीएन लाल ने कहा कि उदय जी का व्यक्तित्व बहुआयामी है।
मां संतोषी फाउंडेशन, मिश्राना मैनपुरी की ओर से ‘डॉ. उदय प्रताप सिंह गुरू जी अभिनंदन ग्रंथ‘ का लोकार्पण अखिलेश यादव ने किया।
सत्यसेवक मिश्र इस फाउंडेशन के संस्थापक थे। श्री बलराम श्रीवास्तव वरिष्ठ कवि किशनी, पंकज मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार, इं0 प्रतोष मिश्रा सहित पूरी टीम ने उदय प्रताप जी का अभिनंदन किया।
इस कार्यक्रम में सर्वश्री प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, राजेन्द्र चौधरी, अंबिका चौधरी, अरविंद सिंह गोप (पूर्व कैबिनेट मंत्रीगण) प्रो0 रमेश दीक्षित, वंदना मिश्रा, चरन सिंह बशर, असीम यादव पूर्व एमएलसी, मणींद्र मिश्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा, दीपक कबीर सोशल ऐक्टविस्ट, मालविका हरिओम, प्रो0 लक्ष्मण यादव, श्याम मिश्रा, दीपक रंजन आदि की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
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