Published on August 28, 2026 | Views: 266
नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 1900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। शुक्रवार शाम 7 बजे तक के अपडेट के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
तिब्बत बॉर्डर ऊपरी इलाके में बर्फ और चट्टानों के मलबे से बनी झील से अब भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आज सुबह तक झील में करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर यानी 2.5 अरब लीटर पानी जमा हो चुका था। इसके बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और रेस्क्यू टीमों को सतर्क रहने और नदी किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई है।
बाढ़ से नेपाल में सड़क, पुल, घर और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हुआ है। राहत-बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।
नेपाल-चीन सीमा के ऊपरी इलाके में हिमस्खलन से बनी झील अब भी बाढ़ का खतरा पैदा कर रही है। काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के मुताबिक, झील का जलस्तर काफी ऊंचा है और इसमें ओवरफ्लो शुरू हो गया है। इसके टूटने की आशंका बनी हुई है।
दूतावास के प्रवक्ता के मुताबिक, नेपाल की तरफ सीमा नदी की ऊपरी धारा की एक सहायक नदी में बर्फ और चट्टानों का मलबा गिरने से नदी का बहाव रुक गया था। इससे भूस्खलन से बनी प्राकृतिक झील तैयार हुई।
45 साल के दावा लामा की आंखों के सामने कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार उजड़ गया। बुधवार सुबह करीब 9 बजे उन्होंने तेज आवाज सुनी और हल्की हवा महसूस की। इसके तुरंत बाद कीचड़ और पानी की एक विशाल लहर तिमुरे गांव में उनके घर से टकराई।
बाढ़ अपने साथ उनका घर, सामान और उनकी पत्नी को बहा ले गई। उनकी 7 और 8 साल की दोनों बेटियां भी लापता हैं।
रोते हुए लामा ने कहा, 'वे सब मर गए और मैं बच गया। मैं कब तक उनके लौटने की उम्मीद करता रहूंगा, मुझे नहीं पता।'
Category: Internation News