छत्तीसगढ़ कुंज में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ शुभारंभ

Published on September 1, 2026 | Views: 217

छत्तीसगढ़ कुंज में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ शुभारंभ

वृंदावन । वृंदावन के छत्तीसगढ़ कुंज में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की अद्भुत छटा देखने को मिली, जहाँ भक्ति और लाला के जन्म उत्सव के संगम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर की पंचकोसीय परिक्रमा स्थित छत्तीसगढ़ कुंज में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 1 सितंबर से 7 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।आश्रम में विराजित ठाकुर मथुरामल जी महाराज का दिव्य नूतन श्रृंगार धारण किया गया।

तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी एवं छत्तीसगढ़ कुंज के महंत आचार्य रामचंद्र दास ने कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया।

कथा के प्रथम दिवस सुदामा कुटी के महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज एवं धीर समीर आश्रम के महंत रामचंद्र महाराज ने विधि-विधान पूर्वक व्यास पीठ का पूजन किया। संतों ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ का पूजन कर सभी श्रद्धालुओं के कल्याण एवं विश्व शांति की कामना की।
इस अवसर पर संतों ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, भक्ति, प्रेम, सदाचार और ईश्वर की शरणागति का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। भगवान की कथा का श्रवण मनुष्य के अंत:करण को निर्मल करता है और जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है। जिस स्थान पर श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान की कथा होती है, वह स्थान स्वयं तीर्थ के समान पवित्र हो जाता है।

कथा व्यास रामचंद्र दास महाराज ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि कलियुग में भगवान के नाम, रूप और लीलाओं का श्रवण एवं संकीर्तन ही जीव के लिए सरल साधन है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर भगवान के चरणों में प्रेम और विश्वास रखने की प्रेरणा मिलती है।
कथा के दौरान छत्तीसगढ़ कुंज का वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं भगवान के जयकारों के बीच कथा का श्रवण किया। कथा में मुख्य रूप से गोपी दास बाबा, पशुपति शर्मा, अशोक बहेति, अजय गुप्ता, द्वारका प्रसाद तिवारी, कृष्णा भाई पटेल, रघुवर दास, डब्बू आदि उपस्थित रहे।

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