स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन में सजेगा सुरों और नृत्य का अनुपम संगम, 20 व 21 सितंबर को वृंदावन में होगा आयोजन, देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

Published on September 15, 2026 | Views: 95

स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन में सजेगा सुरों और नृत्य का अनुपम संगम, 20 व 21 सितंबर को वृंदावन में होगा आयोजन, देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

वृंदावन। भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की गौरवशाली परंपरा को समर्पित अखिल भारतीय श्री स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन एवं स्वामी हरिदास संगीत कला रत्न सम्मान का आयोजन 20 एवं 21 सितंबर को ठाकुर श्री राधा स्नेह बिहारी मंदिर, वृंदावन में किया जाएगा। दो दिवसीय सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित गायक, वादक एवं नृत्य कलाकार अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से संगीत सम्राट स्वामी हरिदास को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 5 बजे से प्रारंभ होगा।

इस संबंध में मंगलवार को ठाकुर श्री राधा स्नेह बिहारी मंदिर में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य कारण कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि स्वामी हरिदास भारतीय संगीत परंपरा के ऐसे महान संत और संगीताचार्य थे, जिन्होंने अपनी साधना एवं भक्ति के माध्यम से संगीत को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उनकी स्मृति और सांगीतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृंदावन की पावन भूमि पर आयोजित होने वाला यह सम्मेलन देशभर के संगीत साधकों और कला प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा।

पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिवस 20 सितंबर को प्रख्यात ध्रुपद गायक पंडित कामोद मिश्र अपनी प्रस्तुति देंगे। पद्मश्री शोभना नारायण कथक नृत्य की मनोहारी छटा बिखेरेंगी, जबकि पंडित हरमोहन शर्मा अपनी क्लासिकल म्यूजिकल ग्रुप प्रस्तुति से श्रोताओं को भारतीय संगीत की विविधता से परिचित कराएंगे। कथक नृत्यांगना मीनाक्षी कामय भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।

सम्मेलन के दूसरे दिन 21 सितंबर को शास्त्रीय गायिका विदुषी विदुषी वर्मा शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी। कथक नृत्यांगना पूर्णिमा अशोक अपनी प्रस्तुति देंगी, वहीं कथक के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी नृत्य की अद्भुत छटा बिखेरेंगे। युवा बांसुरी वादक कृष्ण प्रसन्ना अपनी मधुर स्वर लहरियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को “स्वामी हरिदास संगीत कला रत्न सम्मान” से भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ना है।

Category: Uttar pradesh


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