राजीव एकेडमी में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर व्याख्यान

Published on September 23, 2026 | Views: 203

राजीव एकेडमी में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर व्याख्यान

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आरएटीएम), मथुरा में बीसीए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ‘विकसित भारत@2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी, शोध वैज्ञानिक एवं प्रेरक वक्ता प्रो. शिवराज भारद्वाज ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

अपने सम्बोधन में प्रो. भारद्वाज ने कहा कि आज के युवा ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के वास्तविक निर्माता हैं। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी, नवाचार, समर्पण और परिश्रम के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासा, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में कौशल विकास और तकनीकी ज्ञान युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण साधन हैं। विद्यार्थी अपने विषय की पढ़ाई के साथ नई तकनीकों का ज्ञान हासिल कर देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उद्यमिता, शोध, जनसेवा अथवा जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक युवा विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण में योगदान दे सकता है।

प्रो. भारद्वाज ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता के साथ नैतिक मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। आज युवाओं द्वारा लिए जा रहे निर्णय ही आने वाले भारत का स्वरूप निर्धारित करेंगे।

आरएटीएम के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि भारत के विकास की सबसे बड़ी शक्ति देश का युवा वर्ग है। विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें सही दिशा, कौशल और अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्याख्यान विद्यार्थियों को व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति भी जागरूक करते हैं।

संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शिक्षित, कुशल, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक और ज्ञान के साथ अनुशासन, संस्कार तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज के विद्यार्थियों की मेहनत, सोच और संकल्प ही भारत के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

Category: Education


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