Published on October 13, 2026 | Views: 196
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा भी देने जा रही है। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ सरकार उनकी सुविधाएं भी बढ़ा रही है। ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।
बरेली पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट भी करते थे। जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे, वही डकैती डालते थे या डलवाते थे। तो जनता किससे उम्मीद करती? पुलिस भी मौन रह जाती थी। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है। लोग बेखौफ होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इसका जीवंत उदाहरण है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल चुकी है। बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले या लूट-चेन स्नेचिंग करने वाले अपराधियों का गंभीर परिणाम भुगतना तय है। जिन लोगों ने बुराई पाली थी, जनता ने उनको जवाब दे दिया और जो अच्छाई लेकर के चले थे, वे प्रदेश को भी अच्छा बनाने में सफल हुए हैं।
अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि घंटे का नाद भयमुक्त वातावरण पैदा करता है। जगत जननी मां भगवती का यह स्वरूप असुरों, अराजक तत्वों, दंगाइयों और आतंकियों के मन में भय पैदा करने का प्रतीक है। यह गूंज घंटे की भी हो सकती है और हमारी कड़कदार आवाज की भी। वर्ष 2017 से पहले कोई पर्व या त्योहार आने से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। लोग उत्सव मनाने के बजाय अशांति की आशंका से चिंतित रहते थे। अब लोग उपद्रव भूल चुके हैं और प्रदेशभर में शारदीय नवरात्रि का आयोजन हर्षोल्लास से हो रहा है। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर पा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। हजारों स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों में आस्था का उत्सव इसी सुरक्षित वातावरण का प्रमाण है।
यूपी के लोगों को अब पहचान छिपाने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया में अपनी छवि बदल दी है। पहले मुट्ठीभर लोगों के अपराधों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था। सबके सामने पहचान का संकट था। यूपी के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे। स्थिति यह थी कि धर्मशालाओं और होटलों में कमरा मिलना मुश्किल होता था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सबसे बड़ी चिंता इस धारणा को बदलने की थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने इस दिशा में सफलता हासिल की है। अब उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। जो लोग पहले यूपी से दूरी बनाते थे, आज वे उत्तर प्रदेश के करीब आना चाहते हैं। सुरक्षा का माहौल बनने से व्यापार बढ़ा है और निवेश को प्रोत्साहन मिला है। रोजगार के अवसर बढ़े और विकास की गति तेज हुई है।
पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी और ग्राम प्रहरियों को भी सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पुलिस को अच्छी ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें तो होमगार्ड, पीआरडी जवानों, और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन सभी को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना आवश्यक है। वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों की कोई सुध लेने वाला नहीं था। उस समय प्रदेश में करीब 68 हजार ग्राम पंचायतें थीं। अनेक ग्राम पंचायतों के नगर निकायों में शामिल होने और प्रशासनिक बदलावों के बाद आज भी प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में करीब 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति सजग और सचेत है, तो गांव में कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले उसकी जानकारी मिल सकती है। ग्राम प्रहरी की भूमिका यहीं से शुरू होती है। ग्राम प्रहरी अपने गांव में सजग रहकर सूचनाएं एकत्र करें। किसी आपात स्थिति में फोन के माध्यम से थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को सूचना दें। थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर सूचनाएं एकत्र करे और समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करे।
सीसीटीवी कैमरे की तरह है ग्राम प्रहरियों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे के समान महत्वपूर्ण बताया। ग्राम प्रहरी सजग रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। उन्हें किसी से उलझने या स्वयं कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। उनका प्रमुख काम गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखना, विश्वसनीय सूचना एकत्र करना और उसे समय पर पुलिस तक पहुंचाना है। कोई सूचना पूरी तरह पुष्ट न भी हो, लेकिन यदि कोई संदिग्ध बात सामने आई है तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जा सकती है, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया पर भी रखें नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के समय गांवों में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं का खतरा भी रहता है। बहराइच में पिछले कुछ वर्षों से बरसात के दौरान लकड़बग्घों के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। सरकार ने बड़े पैमाने पर वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की है। बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं को रेस्क्यू किया गया। वन्यजीवों से संभावित खतरे के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने और प्रशासन को समय पर सूचना देने में ग्राम प्रहरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनकी एक सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। उन्हें भू-माफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए।
खाली पदों पर नियुक्त किए जाएं ग्राम प्रहरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरियों की भूमिका को सम्मान तथा सुविधाओं के माध्यम से मजबूती देना आवश्यक है। वर्ष 2019 में ग्राम प्रहरियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए टॉर्च और डंडा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। अब मानदेय में अतिरिक्त बढ़ोतरी के साथ उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने गृह विभाग से कहा है कि जिन स्थानों पर ग्राम प्रहरी के पद खाली हैं, वहां स्थानीय व्यवस्था के अंतर्गत नियुक्ति की जाए और नियमित बैठकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। केवल हस्तक्षेप करने के बजाय संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। ग्राम प्रहरियों, पुलिस और प्रशासन के बीच नियमित संवाद से गांव की समस्याओं को समय रहते समझने और सुलझाने में मदद मिलेगी।
ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के कल्याण के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस व्यवस्था के तहत ग्राम प्रहरी या उनके परिवार का कोई सदस्य बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर के माध्यम से उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेगा। ग्राम प्रहरी अपने कार्य के प्रति सजग और सचेत रहें। उन्हें नींव के पत्थर की तरह अपनी भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि मजबूत नींव पर ही विकास की इमारत खड़ी होती है। ग्राम प्रहरियों की सजगता गांव में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाएगी और इससे ग्रामीण जीवन में स्थिरता तथा विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। इनमें बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। समारोह में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।
इस अवसर पर वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन मंत्री और हाल में राज्यसभा के लिए निर्वाचित धर्मपाल सिंह, प्रभारी मंत्री बरेली जेपीएस राठौर, पर्यावरण और वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा की नवनिर्वाचित सांसद श्रुति गंगवार, मेयर बरेली डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह, विधायकगण संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. डीसी वर्मा जी, डॉ. एमपी आर्य, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण उपस्थित रहे।
मानदेय वृद्धि सीएम की संवेदनशीलता का प्रमाण: सुरेश कुमार खन्ना
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का परिदृश्य बदला है। प्रदेश में समाज के हर वर्ग का विश्वास बढ़ा है और सरकार ने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीएम ने ग्राम प्रहरियों का सम्मान करके और उनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि करके अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। ग्राम प्रहरियों के समर्पण और कार्यों को देखते हुए उनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की चर्चा प्रदेश ही नहीं, देश और दुनिया में होती है।
फिर बनेगी योगी सरकार: धर्मपाल सिंह
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा के मुखिया पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं, जबकि वास्तविक पीडीए भारतीय जनता पार्टी के साथ है। 2017 व 2022 में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने में पीडीए की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगामी विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार से गांवों का माहौल बदला है। पुलिस की सख्ती से अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।
Category: Politics