श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 वे शहीदी दिवस पर होंगे भव्य आयोजन

Published on November 20, 2025 | Views: 275

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 वे शहीदी दिवस पर होंगे भव्य आयोजन

सिख धर्म के नौवें गुरु हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज और उनके तीन सिखों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी का इस वर्ष 350 वा शहीदी शताब्दी वर्ष पूरी दुनिया भर में भव्यता के साथ मनाया जा रहा है । श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज का आगरा से विशेष जुड़ाव रहा और उनके कई बार आगरा में चरण पड़े ।आगरा में गुरु तेग बहादुर साहिब जी के दो ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा गुरु का ताल और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान इस शताब्दी वर्ष को बहुत ही भव्यता के साथ बना रहे हैं। इन दोनों ऐतिहासिक स्थानों पर होने वाले समागमों की जानकारी देते हुए इन सभी कार्यक्रमों का पोस्टर विमोचन गुरुद्वारा गुरु का ताल में संयुक्त रूप से किया गया।

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज ने अपनी शहादत कश्मीरी ब्राह्मणों की फरियाद को सुन औरंगजेब की मुगलिया हुकूमत द्वारा किये जा रहे अत्याचार से हिंदुत्व , सनातन और तिलक व जिनेऊ की रक्षा के लिए दी थी। जिसके चलते उन्हें हिंद की चादर के नाम से भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। गुरुद्वारा माईथान के के प्रधान कमलदीप सिंह ने बताया कि 350 में शताब्दी वर्ष के चलते देशभर में वर्ष भर अनेक नगर कीर्तन व यात्राओं का आयोजन किया गया इसी कड़ी में आगरा में गुरु महाराज के गिरफ्तारी स्थल आगरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल से लेकर गुरुजी के शहादत स्थान गुरुद्वारा शीशगंज साहिब चांदनी चौक तक एक विशाल नगर कीर्तन 22 नवंबर को जा रहा है । 350 वर्ष पूर्व इसी मार्ग से गुरु महाराज को गिरफ्तार कर आगरा से दिल्ली ले जाया गया था ।नगर कीर्तन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की आकर्षक पालकी , पंज प्यारे साहिबान, निशांनची साहिबान ,के साथ-साथ आगरा के लगभग 15 गुरुद्वारों के रागी जत्थे, संगत के साथ वाहनों के माध्यम से 22 नवंबर को प्रातः 6:00 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल से रवाना होंगे और शाम तक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब पहुंचेंगे । हेड ग्रंथि गुरुद्वारा माईथान ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान में एक विशाल कीर्तन समागम का आयोजन किया जा रहा है ।जो सुबह 7:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:30 बजे समाप्त होगा ।

जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया और महंत हरपाल सिंह ने बताया 25 नवंबर को गुरुद्वारा गुरु का ताल में दो मुख्य आयोजन किए जाएंगे। सुबह 9:00 बजे से 12:00 तक होने वाले समागम में छह माह पूर्व शुरू किए गए सहज पाठ के भोग होंगे। आगरा में लगभग 100 से अधिक परिवारों ने सहज पाठ की सेवा शुरू की थी जिनके सामूहिक समापन दरबार साहिब गुरुद्वारा गुरु का ताल में होंगे और शाम का दीवान भाई नंद लाल हॉल में शाम 7:00 बजे से रात्रि 12:00 तक आयोजित किया जाएगा।

पोस्टर विमोचन में मौजूद दलजीत सिंह सेतिया और गुरमीत सेठी ने बताया कि नगर कीर्तन बहुत ही अनुशासित व सुरक्षित तरीके से निकले इसे ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई है। नगर कीर्तन में लगभग 15 बसे और 50 से अधिक चार पहिया वाहन जा रहे हैं ।सभी वाहनों पर निशान साहब सुशोभित किए जाएंगे। वहीं सुरक्षा को देखते हुए आगरा से दिल्ली मार्ग के सभी जिलों के पुलिस प्रशासन के साथ वार्ता कर ली गई है।

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह बताया कि नगर कीर्तन प्रातः 6:00 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल से चलकर मथुरा, कोसी ,पलवल फरीदाबाद होते हुए दिल्ली में प्रवेश करेगा और लाल किला पहुंचेगा। जहां से पैदल नगर कीर्तन गुरुद्वारा शीशगंज साहिब चांदनी चौक पहुंचेगा। 22 नवंबर की शाम को ही 6:00 बजे शीशगंज साहिब से वापस चलकर रात्रि 10:00 बजे आगरा पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने नगर कीर्तन में जा रहीआगरा की संगत से 22 नवंबर की सुबह 6:00 तक गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंचने की अपील की है जिससे कि समय से नगर कीर्तन रवाना हो सके। इस दौरान जसपाल सिंह चावला, परमजीत मक्कड़, श्याम भोजवानी ,प्रवीण अरोड़ा , बंटी ग्रोवर, परमजीत सिंह सरना ,लकी सेठिया पाली सेठी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

Category: Dharm


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