योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है किसान- कृषि मंत्री

Published on July 28, 2026 | Views: 220

योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है किसान- कृषि मंत्री

लखनऊ- प्रदेश सरकार किसानों को खरीफ सीजन में फसलों की रोपाई और बुवाई के उपरांत फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कटिबद्ध है और इसके लिए भारत सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रदेश का किसान योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसलिए हम उन्हें बीज से लेकर बाजार तक हर सुविधा समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। किसानों को उचित मात्रा में समय पर खाद उपलब्ध हो सके इसलिए सरकार ने प्रत्येक जिले में पर्याप्त और संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराएं ताकि उन्हें खरीफ सीजन में फसल संस्तुति के अनुसार सुगमतापूर्वक पर्याप्त उर्वरक मिल सके। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न किया जाए।
प्रदेश में एक अप्रैल से सत्ताइस जुलाई तक उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण के तुलनात्मक विवरण के अनुसार, 2026 में यूरिया की उपलब्धता 31.55 लाख मीट्रिक टन रही, वहीं वितरण 2025 के 20.47 की तुलना में 2026 में 22.18 लाख मीट्रिक टन रहा। डीएपी की उपलब्धता 7.11 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 2025 में 3.96 और 2026 में 4.37 लाख मीट्रिक टन रहा। इसी प्रकार एनपीके की उपलब्धता 6.33 लाख मीट्रिक टन रही, तथा वितरण 2025 के 1.43 के मुकाबले 2026 में 1.90 लाख मीट्रिक टन रहा। एसएसपी की उपलब्धता 4.72 लाख मीट्रिक टन रही तथा वितरण 2025 में 2.15 और 2026 में 2.13 लाख मीट्रिक टन रहा। एमओपी की उपलब्धता में 1.35 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 0.24 लाख मीट्रिक टन रहा। 28 जुलाई 2026 को प्रदेश में कुल 14.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.90 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.46 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है। सहकारिता के क्षेत्र में यूरिया 5.43 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 2.39 लाख मीट्रिक टन और एनपीके 1.42 लाख मीट्रिक टन मात्रा में उपलब्ध है, जबकि निजी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों पर यूरिया 9.34 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 2.43 लाख मीट्रिक टन और एनपीके 3.49 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 32780 मीट्रिक टन यूरिया, 6715 मीट्रिक टन डीएपी और 1967 मीट्रिक टन एनपीके का क्रय एवं खपत कृषकों द्वारा किया जा रहा है।
विभिन्न मंडलों में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर यूरिया, डीएपी तथा एनपीके उर्वरकों की कुल उपलब्धता मीट्रिक टन में सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत सहारनपुर मंडल में यूरिया 43275, डीएपी 12322 और एनपीके 3439 मीट्रिक टन उपलब्ध है। मेरठ मंडल में यूरिया 67551, डीएपी 35145 और एनपीके 15812 मीट्रिक टन है। आगरा मंडल में यूरिया 95852, डीएपी 35052 और एनपीके 22012 मीट्रिक टन है। अलीगढ़ मंडल में यूरिया 86474, डीएपी 31297 और एनपीके 16390 मीट्रिक टन है। बरेली मंडल में यूरिया 116987, डीएपी 38202 और एनपीके 35963 मीट्रिक टन है। मुरादाबाद मंडल में यूरिया 83972, डीएपी 21018 और एनपीके 41760 मीट्रिक टन है। कानपुर मंडल में यूरिया 143076, डीएपी 46433 और एनपीके 63287 मीट्रिक टन है। प्रयागराज मंडल में यूरिया 111070, डीएपी 27888 और एनपीके 49117 मीट्रिक टन है। झांसी मंडल में यूरिया 47722, डीएपी 29815 और एनपीके 10162 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
चित्रकूट मंडल में यूरिया 50189, डीएपी 14514 और एनपीके 7889 मीट्रिक टन उपलब्ध है। वाराणसी मंडल में यूरिया 109312, डीएपी 27299 और एनपीके 28663 मीट्रिक टन है। मिर्जापुर मंडल में यूरिया 36014, डीएपी 11972 और एनपीके 10242 मीट्रिक टन है। आजमगढ़ मंडल में यूरिया 73086, डीएपी 21853 और एनपीके 19294 मीट्रिक टन है। गोरखपुर मंडल में यूरिया 91659, डीएपी 28844 और एनपीके 34063 मीट्रिक टन है। बस्ती मंडल में यूरिया 51638, डीएपी 15813 और एनपीके 16818 मीट्रिक टन है। देवीपाटन मंडल में यूरिया 59199, डीएपी 18035 और एनपीके 16906 मीट्रिक टन है। लखनऊ मंडल में यूरिया 138186, डीएपी 39076 और एनपीके 57889 मीट्रिक टन है। अयोध्या मंडल में यूरिया 71695, डीएपी 26543 और एनपीके 40555 मीट्रिक टन उपलब्ध है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग आदि के संबंध में एक अप्रैल 2026 से अट्ठाईस जुलाई 2026 तक सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 7462 छापे मारे गए और 1045 नमूने ग्रहित किए गए। इनमें से 102 नमूनों का विश्लेषण किया गया जिसमें 25 नमूने अमानक पाए गए। इस दौरान 556 लाइसेंस निलंबित किए गए, 53 निरस्त किए गए, 705 कारण बताओ नोटिस निर्गत किए गए, 15 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित की गई और 23 दुकानें सील की गईं। इसके अतिरिक्त 34 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और कुल 229.7 मीट्रिक टन स्टॉक सील एवं जब्त किया गया है।

Category: Uttar pradesh


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