Published on September 3, 2026 | Views: 183
वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के विशेष दर्शन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जन्माष्टमी की मध्यरात्रि होने वाली मंगला आरती को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस दौरान ठाकुरजी को आकर्षक और बहुमूल्य पोशाक धारण कराई जाएगी, जिसे विशेष रूप से तैयार कराया गया है। पोशाक में स्वर्ण आभूषणों के साथ बहुमूल्य रत्नों और मोतियों का प्रयोग किया गया है। इसके निर्माण में दिल्ली के प्रसिद्ध डिजाइनरों की कारीगरी का सहारा लिया गया है।
जन्माष्टमी की रात ठाकुरजी के गर्भगृह में दुग्ध, दही, शहद सहित पंचामृत से महाभिषेक किया जाएगा। इसके उपरांत विशेष श्रृंगार के साथ मंगला आरती संपन्न होगी। मंदिर में इस अवसर के लिए चांदी की नई आरती भी तैयार कराई गई है। आरती के दौरान ठाकुरजी को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। इनमें आगरा के प्रसिद्ध रसोइयों द्वारा तैयार कराए गए विशेष मिंगई पक सहित 56 प्रकार के व्यंजन शामिल रहेंगे।
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि करीब पौने दो बजे होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए इस बार आरती दर्शन की व्यवस्था सीमित रखी गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार करीब 600 श्रद्धालुओं को ही इस विशेष अवसर पर मंदिर के अंदर से दर्शन का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश पास की व्यवस्था की गई है।
मंगला आरती के बाद पांच सितंबर की सुबह मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नंदोत्सव के दौरान भक्तों के साथ आनंद और उल्लास साझा करने की परंपरा के तहत विशेष आयोजन होंगे। श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं खिलौने वितरित किए जाने की भी व्यवस्था रहेगी। जन्माष्टमी की रात विशेष आरती संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था खोली जाएगी, जिसके बाद ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होते रहेंगे।
जन्माष्टमी के दौरान वृंदावन में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है। मंदिर के भीतर पुलिसकर्मियों के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी। भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
मंदिर प्रबंधन का प्रयास है कि जन्माष्टमी के इस प्रमुख धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए प्रवेश, निकास और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है।
Category: Dharm