अशोक सिंघल जी का जीवन त्याग, तपस्या, संगठन और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण: केशव प्रसाद मौर्य

Published on October 7, 2026 | Views: 88

अशोक सिंघल जी का जीवन त्याग, तपस्या, संगठन और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण: केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज: मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज मेडिकल एसोसिएशन कन्वेंशन सेंटर, म्योहार, प्रयागराज में अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अशोक सिंघल जी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, संगठन और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा।* वे एक व्यक्ति नहीं, बल्कि बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे कुशल इंजीनियर, शास्त्रीय संगीत के साधक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक, कुशल संगठनकर्ता और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में से एक थे।

केशव मौर्य ने कहा कि वर्ष 1942 में अशोक सिंघल जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और वर्ष 1980 में उन्हें विश्व हिंदू परिषद का दायित्व मिला। उन्होंने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित किया। 5 अक्टूबर 2005 को उन्होंने अपने पैतृक आवास ‘महावीर भवन’ की पहली मंजिल विश्व हिंदू परिषद को समर्पित कर दी थी। प्रयागराज से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी विशेष आत्मीय संबंध रहा। वर्ष 2015 में अशोक जी के निधन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया था। प्रधानमंत्री जी ने श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेते हुए “देव से देश और राम से राष्ट्र” की चेतना का आह्वान किया।

केशव मौर्य ने अंत में कहा कि अशोक सिंघल जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, संगठन शक्ति और समाजसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी। उनका जीवन भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में पूजनीय संत यमुनापुरी जी महाराज, चंदन राय जी (केंद्रीय अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद), के० जी० सिंह जी, प्रान्तीय अध्यक्ष, काशी प्रान्त, बृजमोहन समाजसेवी, राज नारायण प्रान्तीय मंत्री, काशी प्रान्त सहित बडी संख्या पार्टी पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।

Category: Politics


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