Published on October 7, 2026 | Views: 269
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा ने अपना विश्वास और जनाधार पूरी तरह खो दिया है। जो लोग सच में अपने देश से प्यार करते हैं अब उनकी वैमनस्यपूर्ण धर्मान्धता की काली रात गुजर गई है, विवेकशील पुनर्जागरण का एक नया सवेरा उनके मानसिक-अंधकार को मिटा कर नयी चेतना का नया प्रकाश और सौहार्दपूर्ण नवजागरण ला रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अब तो भाजपाई भी समझ गये हैं कि भाजपा किसी की सगी नहीं है। भाजपा में न सरकार का कोई मतलब है, न संगठन का। भाजपा एकाधिकारी मन और एकाकी मानसिकता से पूरी तरह ग्रसित है। इसमें किसी और के लिए कोई स्थान नहीं है। सच तो ये है कि जहाँ स्थान ही नहीं मिलेगा, वहाँ मान-सम्मान कैसे मिलेगा। भाजपा में न तो किसी मामले में किसी की सलाह ली जाती है और न ही किसी निर्णय में किसी को शामिल किया जाता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अपने ही दल में ही घोर उपेक्षित भाजपाई अब एक-दूसरे से दुखी होकर कह रहे हैं कि भाजपा ने हमें बुरी तरह से निचोड़कर बर्बाद कर दिया है कि अब हमारी तुलना पूरी तरह रस निकाले जा चुके गन्ने की उस खोई से भी नहीं की जा सकती है, जिसे देखकर हाथी भी मुँह मोड़ लेता है। दरअसल भाजपाइयों की अपने ही दल में हो रही दुर्दशा इससे भी ज्यादा गई-गुजरी है क्योंकि अपनी विघटनकारी दकियानूसी मानसिकता के कारण वो न तो बदलते हुए प्रगतिशील समाज का सामना कर पा रहे हैं, न ही अपने घरों में प्रोग्रेसिव-पॉजिटिव सोचवाली नई पीढ़ी का।
अखिलेश यादव ने कहा कि बेचारे भाजपाई तो किसी भी घाट के नहीं रहे। हमें ऐसे ‘बिन घाट के भाजपाइयों’ से बेहद सहानुभूति है। सच तो ये है कि अपने अंतिम दौर में चल रहे भाजपाई भी अंदर से टूट गए हैं और भाजपा भी। भाजपा का अंत ऐतिहासिक होगा। अब तो भाजपा के कुकर्मों की दुहाई दे रहा है खुद कोई न कोई भाजपाई।
Category: Politics