Published on September 8, 2026 | Views: 138
वृंदावन। पुनीत शुक्ला
यमुना को निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वृंदावन में यमुना किनारे सीवर का गंदा पानी डाले जाने का मामला सामने आने से इन प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को सामने आई एक फोटो में वृंदावन स्थित मोक्ष धाम के समीप एक टैंकर से यमुना किनारे सीवर का गंदा पानी गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि मोक्ष धाम के समीप बने सीवर से गंदगी निकालने के बाद टैंकर को पास ही यमुना किनारे ले जाकर खाली किया गया।
फोटो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और यमुना भक्तों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में सीवर के पानी को सीधे नदी में डालने जैसी घटनाएं उन तमाम प्रयासों को सवालों के घेरे में खड़ा करती हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर टैंकर की पहचान करने और यदि नदी में सीवर का पानी डाला गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए केंद्र सरकार के नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, नालों के इंटरसेप्शन-डायवर्जन, नदी सतह की सफाई, जैव विविधता संरक्षण और जनजागरूकता जैसे कार्य किए जा रहे हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम में सीवेज ट्रीटमेंट को नदी प्रदूषण नियंत्रण का प्रमुख हिस्सा माना गया है।
मथुरा में भी यमुना प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई परियोजनाएं संचालित की गई हैं। मसानी क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सीवर के पानी को उपचारित करने की व्यवस्था विकसित की गई है। मथुरा के लिए नई सीवरेज परियोजनाएं भी नमामि गंगे की परियोजनाओं में शामिल हैं।
वहीं, मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में नदी संरक्षण और शहरी सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान पर भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर और यमुना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रदूषण को नियंत्रित करना और नदी संरक्षण को प्रभावी बनाना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यमुना की सफाई के लिए लगातार अभियान और योजनाएं चल रही हैं, ऐसे में यदि सीवर का गंदा पानी नदी में ही पहुंचाया जाएगा तो स्वच्छ यमुना का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। लोगों ने मांग की कि यमुना किनारे सीवर से निकाले जाने वाले गंदे पानी के निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए और नदी में किसी भी प्रकार का प्रदूषित पानी डालने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लोगों का यह भी कहना है कि मोक्ष धाम जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल के समीप यमुना में गंदा पानी डालने की घटना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, टैंकर की पहचान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
Category: Uttar pradesh