Published on July 24, 2026 | Views: 281
[5:36 pm, 24/7/2026] Hp Lawaniya Dholpur: डा हरिप्रकाश लवानिया धौलपुर
धौलपुर के इतिहास के पिछले पन्नों में पुरानी छावनी एवं पुरानी छावनी की तोप का गौरवमययी उपस्थित देखने को मिलती है हालांकि इसतोप का निर्माण दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए किया गया था किंतु इस युद्ध में कभी प्रयोग नहीं किया गया सिर्फ बनने के बाद ट्रायल के रूप में एक बार ही से चला कर देखा गया था इसकी गर्जना भयंकर होने से इसतोप को हनुमान तोप या हनु हुंकार तोप के नाम से जाना जाने लगा
अष्टधातुओं से निर्मित यह तोप अपनी विशालता अद्भुत निर्माण कला के कारण देशभर में विख्यात है इस टॉप का निर्माण धौलपुर रियासत के राजा कीरत सिंह के शासनकाल में करवाया गया था महाराजा कीरत सिंह जब गोहद से आकर धौलपुर में बसे तो उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी छावनी स्थापित की सगाई स्पेशल टॉप को बनाने का काम उसे समय के प्रसिद्ध कारीगर सीताराम को दिया गया सीताराम एवं उसके साथी कारीगरों ने इस टॉप को बनाने में 6 महीने का समय लगाया यह तो मध्यकालीन सैन्य कला एवं धातु निर्माण का नायाब नमूना है
इस टॉप के निर्माण में अष्टधातु का प्रयोग किया गया है यही कारण है कि आज तक इस टॉप पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ा इस टॉप का भजन 14 ००मन 14 शेर एवं 14 छटाक बताया जाता है तोप के आगे के भाग में मुखाकृति बनी है जिसमें कान नाक एवं मुंह साफ दिखाई देते हैं ऐसी भ्रांति है की अष्टधातु पर ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता इसी को ध्यान में रखकर इस तोप का निर्माण किया गया इस टॉप का व्यास 35 फीट एवं परिधि 10 फिट है कुछ समय पहले इस तोप को पुरानी छावनी से लाकर महाराणा स्कूल के पीछे रखा गया है 27 के चारों तरफ पार्क बनाकर पेड़ लगा दिए गए हैं लेकिन साफ सफाई एवं रखरखाव का ध्यान नहीं रखने से पार्क पूरी तरह अस्त व्यस्त पड़ा है तथा एक और से हथ ठैले वालों ने इसे पूरी तरह तक रखा है आगरा ग्वालियर रोड से धौलपुर बस स्टैंड की तरफ कुछ दूरी पर करने के बाद स्पार्क तक पहुंचा जा सकता है
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