जापानी पर्यटक उत्तर प्रदेश को एक समग्र पर्यटन यात्रा के रूप में देखें- जयवीर सिंह

Published on August 20, 2026 | Views: 190

जापानी पर्यटक उत्तर प्रदेश को एक समग्र पर्यटन यात्रा के रूप में देखें- जयवीर सिंह

ब्रज की पारंपरिक संस्कृति की रंगत, आत्मीय स्वागत और विश्वविख्यात ताजमहल की बेमिसाल खूबसूरती के बीच जापान के यामानाशी प्रान्त के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की पर्यटन यात्रा की शुरुआत की। आगरा पहुंचा जापानी दल भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी से रूबरू हुआ। वहीं, ताजमहल की भव्यता और कारीगरी ने भी प्रतिनिधिमंडल को खासा प्रभावित किया। मोर नृत्य और बम रसिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जापानी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में ब्रज संस्कृति के रंग भर दिए। यात्रा की शुरुआत से ही विदेशी मेहमानों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य की अनूठी झलक देखने को मिली।

जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी और उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल दिन में गलगोटियास विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आगरा पहुंचा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा पर्यटन विभाग की महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्र ने जयपी पैलेस में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की। अतिथियों के साथ दोपहर का भोजन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ताजमहल देखने के लिए रवाना हुआ।आगरा के कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया था कि प्रतिनिधिमंडल को केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और परंपरागत आतिथ्य का भी अनुभव हो।

ताजमहल की खूबसूरती से अभिभूत हुए कोटारो
ताजमहल को देखने के बाद यामानाशी के राज्यपाल कोटारो नागासाकी ने कहा कि 'तस्वीरों में कई बार देखने के बावजूद इसे करीब से देखना बिल्कुल अलग अनुभव है। उन्होंने आगे कहा, कि ताजमहल को मैंने तस्वीरों में कई बार देखा था, लेकिन यहां आकर इसकी कारीगरी को बिल्कुल अलग तरीके से महसूस किया। दूर से यह जितना भव्य दिखाई देता है, करीब से इसकी बारीकियां उतना ही अधिक प्रभावित करती हैं।'

अतिथियों के स्वागत का यह पहला पड़ाव- मंत्री
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'आगरा, जापानी प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा का पहला पड़ाव है। ताजमहल की भव्यता से रूबरू होने के बाद अब यह यात्रा प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के उन रंगों और अनुभवों से जोड़ेगी, जो उत्तर प्रदेश की पर्यटन पहचान को और व्यापक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ताजमहल भले ही यूपी को जानने का सबसे परिचित और आकर्षक प्रवेश द्वार हो, लेकिन आगे का सफर प्रदेश की विविधता की नई तस्वीर पेश करेगा। मंत्री ने आगे कहा, लखनऊ में जापानी दल अवधी मेहमाननवाजी, लजीज व्यंजन और बेहतर पर्यटन को करीब से महसूस करेंगे। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा उन्हें भारत और जापान के बीच सदियों पुराने बौद्ध और आध्यात्मिक रिश्तों से रूबरू कराएगी। हमारा प्रयास है कि प्रतिनिधिमंडल आगरा, लखनऊ और पूर्वांचल के इन अलग-अलग पड़ावों को केवल अलग पर्यटन स्थलों के रूप में नहीं, अपितु उत्तर प्रदेश के एक व्यापक और आपस में जुड़े पर्यटन अनुभव के रूप में देखें।'

ब्रज संस्कृति ने किया प्रभावित- जुनिची इशिदेरा
यामानाशी के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने ब्रज संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि 'जापानी प्रतिनिधिमंडल के यात्रा की शुरुआत सीधे तौर पर किसी पर्यटन स्थल से न होकर स्थानीय संस्कृति के अनुभव से होना खास रहा। उन्होंने कहा, पारंपरिक स्वागत ने हमें क्षेत्र की संस्कृति से परिचित कराया। इससे किसी स्थान को देखने से पहले ही उसके बारे में जानने और समझने की जिज्ञासा पैदा होती है।'

वहीं, यामानाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने यात्रा की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि 'व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद प्रतिनिधिमंडल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सहजता और समयबद्ध तरीके से पहुंचने का अनुभव मिला। उन्होंने आगे कहा, सबसे अच्छी व्यवस्थाएं अक्सर वही होती हैं, जिनके बारे में यात्रियों को अलग से सोचना नहीं पड़ता। हम एक कार्यक्रम से दूसरे कार्यक्रम तक आराम से और समय पर पहुंच सके हैं, जिससे हमारा ध्यान यात्रा की व्यवस्थाओं के बजाय यहां के लोगों और स्थानों को समझने पर केंद्रित रहा।'

लखनऊ में पर्यटन कार्यक्रम
आगरा प्रवास के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार शाम लखनऊ पहुंचेगा। 21 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़े पर्यटन कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। यहां 50 से अधिक टूर ऑपरेटरों, होटल कारोबारियों और उद्यमियों के साथ राउंडटेबल बैठक होगी। इसके साथ पर्यटन प्रदर्शनी और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विभिन्न संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। लखनऊ का कार्यक्रम प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को पर्यटन स्थलों के अनुभव से आगे बढ़ाते हुए पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर केंद्रित करेगा। इस दौरान बौद्ध पर्यटन, वेलनेस, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटकों के लिए नए अनुभव विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा करेगा, जिसमें वाराणसी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थल शामिल होंगे। यात्रा कार्यक्रम में प्रदेश की आध्यात्मिक और बौद्ध विरासत को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

'यूपी टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम'
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'इस यात्रा से जापानी पर्यटकों और संस्थानों के बीच उत्तर प्रदेश को लेकर प्रत्यक्ष समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, भारत और जापान के बीच पहले से ही मजबूत संबंध रहे हैं। पर्यटन इन संबंधों को एक मानवीय आयाम देता है, क्योंकि इसमें लोग एक-दूसरे की संस्कृति को सीधे अनुभव करते हैं। यदि इस यात्रा के माध्यम से अधिक जापानी पर्यटक उत्तर प्रदेश को जानने और देखने के लिए प्रेरित होते हैं और हमारे पर्यटन संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो यह यात्रा अपने उद्देश्य से कहीं अधिक सार्थक साबित होगी।'

Category: Uttar pradesh


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