एमवीडीए ने बदली मानचित्र स्वीकृति की व्यवस्था, फास्ट पास पोर्टल हुआ प्रभावी

Published on August 21, 2026 | Views: 160

एमवीडीए ने बदली मानचित्र स्वीकृति की व्यवस्था, फास्ट पास पोर्टल हुआ प्रभावी

मथुरा। भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने के लिए अब आवेदकों को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) के विभिन्न पटलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। प्राधिकरण ने नक्शा स्वीकृति की पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए फास्ट पास पोर्टल को पूरी तरह प्रभावी कर दिया है। नई व्यवस्था के शुरुआती परिणाम भी उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। जुलाई में पोर्टल पर प्राप्त करीब 75 प्रतिशत मामलों में नक्शों को निर्धारित समयसीमा के भीतर या उससे पहले स्वीकृति प्रदान की गई।

मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से फास्ट पास पोर्टल लागू किया गया है। इसकी खासियत यह है कि नक्शा स्वीकृति के साथ विभिन्न विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। अब आवेदक को एनओसी के लिए संबंधित विभाग के कार्यालय में जाकर पत्र जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। पोर्टल के माध्यम से एनओसी का अनुरोध संबंधित विभाग तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने बताया कि फास्ट पास पोर्टल का उद्देश्य नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज करने के साथ ही आवेदकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेगी। इससे प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी और अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

उपाध्यक्ष ने बताया कि नई व्यवस्था का प्रभाव जुलाई में देखने को मिला। पोर्टल पर प्राप्त करीब 75 प्रतिशत मामलों में नक्शों को निर्धारित समयसीमा में स्वीकृति मिली। नई व्यवस्था के तहत आवेदक को फास्ट पास पोर्टल पर नक्शे के साथ आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके बाद आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन आगे बढ़ेगी।

500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर बड़ी राहत

एमवीडीए के नए बायलॉज के तहत नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 0 से 100 वर्गमीटर तक के भूखंडों को लो रिस्क, 100 से 500 वर्गमीटर तक को मीडियम रिस्क तथा 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है।

लो रिस्क श्रेणी में 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों का नक्शा आवेदक स्वयं पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत करा सकता है। वहीं प्राधिकरण से स्वीकृत कॉलोनियों में 500 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों के नक्शे आर्किटेक्ट के माध्यम से पोर्टल पर स्वीकृत कराए जा सकते हैं। व्यावसायिक भूखंडों के लिए यह सीमा 30 वर्गमीटर तक निर्धारित है। इन श्रेणियों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण की अलग से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी।

एनओसी के लिए भी नहीं लगाने होंगे चक्कर

फास्ट पास पोर्टल के माध्यम से संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। आवेदन के आधार पर संबंधित विभाग के लिए एनओसी का अनुरोध पोर्टल से स्वतः जनरेट होकर भेजा जाएगा। इससे आवेदक को अलग-अलग विभागों में जाकर पत्र जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

एक ही ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से नक्शा स्वीकृति, एनओसी और आवेदन की स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता आने की उम्मीद है।

Category: Uttar pradesh


Latest News